बुधवार, 27 मई 2009

जीवन जय जय ही होता है॥
जीवन जय जय ही होता है , दुनिया चाहे जो भी बोले,
कोई असफल नही होता है , दुनिया चाहे जो भी बोले
सफल होना तो एक बहाना है थक कर रुक जाने का,
असफलता दोषरहित साथी है अनथक साथ निभाने का।
जो सफल हुए वो पा गए मंजिल भले कहे ये दुनिया
पर वो क्या जाने स्वाद सफलता का जो कभी असफल न हुआ।
सफलता बड़ी दुर्बल होती है जीती है 'अ'सफलता में
माँ बेटी का रिश्ता इनका रहती साथ सभी के मन में।
जीवन जय जय ही होता है सफलता में असफलता में...
वो यूँ ही अकेला चला जा रहा था....
वो यूँ ही अकेला चला जा रहा था
किस्मत को अपने लिए जा रहा था,
तन्हाई देख एक तन्हा आकर बोंला।
कबतक अकेले अकेले रहोगे
न मेरी सुनोगे न अपनी ,
जालिम है दुनिया ये तो सबको पता है
पर तू तो बता इसने की क्या खता है?
वजह सुन दूसरा यूँ घबरा के बोला
अपनी जुबान है तो अपना ही बोलो
मेरे बारेमे इतना क्यूँ बोलते हो?
अचानक ही दोनों के लब बुदबुदाये
लक्ष्य से भटकने का सजा हम हैं पाए.........