मंगलवार, 31 मार्च 2009

मुद्दों से भरे देश में मुद्दे का आभाव



आज जब देश को विकास आधरित राजनीति की आवश्यकता है ऐसे समय में भी देश अपने १५वे लोकसभा चुनाव में सम्प्रदायवाद बनाम विकासवाद, विकासवाद बनाम परिवारवाद,विकासवाद बनाम क्षेत्रवाद, विकासवाद बनाम जातिवाद के aadhar पर चुनाव करने जा रहा है.

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